लोक लाकड़ा घाले ओ ,जीवाराम देवासी पदमाराम देवासी ,RAJSTHANI LAYRICS

लोक लाकड़ा घाले ओ ,जीवाराम देवासी पदमाराम  देवासी ,RAJSTHANI LAYRICS 

राजस्थान के पाली जिले के सुप्रसिद भजन कलाकार जीवाराम देवासी और पदमाराम देवासी की आवाज में 
लोक लाकड़ा घाले ओ ,RAJSTHANI LAYRICS  भजन है राजस्थानी भजन लोक लाकड़ा घाले ओ को प्रस्तुत 
विजय स्टूडियो लाइव शिवगंज ने किया है इस भजन की रिकॉर्डिंग ब्लू बॉस साउंड सुमेरपुर ने किया है इस भजन को डायरक्ट विजय परिहार ने किया है 

इस भजन में महाभारत काल के समय हुए वार्तालाप के ऊपर गाया
Singer- Jiwaram Dewasi Padmara Dewasi Pomawa *Record- BlueBassSound Sumerpur Pro.Arjun Rathore Opretor-Ramesh Dahiya *Camera -Vijay Parihar,suresh chouhan *Live- VIJAY STUDIO LIVE *Director- Vijay Parihar

बोलो अर्जुन लीधा ढाल नि तलवार 
ओ धमा धम अर्जुन महल आया ओ 
बोलो अर्जुन लीधा ढाल नि तलवार
ओ धमा धम अर्जुन महल आया ओ

खोलो परा बाजोरिया कमार
ओर पद्मिनी अर्जुन बहारे उबा ओ
ओर पद्मिनी अर्जुन बहारे उबा ओ
 बोलो जोगी लागे दिवलिया जोत
ओर पद्मिनी महेल धुंधला लागे ओ

बोलो कुन मुओ थारा पिरिये मोमार
ओरे हजमनी सोग कनेरो पाले ओ
ओरे हजमनी सोग कनेरो पाले ओ
बोलो घनी खम्मा मारा पिरिया मोमार
ओरे खोमद थोरे जीवे रु दोरु हो

बोलो कालूड़ी होबोडी नवी वात
ओरे पीयूजी कड़बीये कलबेलु हो
ओरे पीयूजी कड़बीये कलबेलु हो
हॉबरी लोकोनी वारी वात
ओरे खोमद अर्जुन प्याले जावे हो

संगो हरिका माँ नी बाप
अरे खोमद थोरे हलेरा लागे हो
थोरे हलेरा लागे हो
ओ मति मोन्जो लोको वारी वात
ओरे हजमनी लोक लाकड़ा घाले ओ

पोसे री भाइयो र माँ नी बाप
ओरे पद्मिनी कौरव मेना बोले हो
पिता नी पड़िया नारगी रे माय
ओरे हजमनी नार्गिये छोडावो हो

ए तो केविजे वड़ा घरो ऋ वाट
ओरे पांडव पोर खड़े नि पाय हो
धोक घनी नी लाया हो
ना ना छतरी वाजा वजे ओ
अड़बी वाजा वाजे ओ




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