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शनिवार, 11 अप्रैल 2020

Baisa Ro Roop lyrics| Minakshi Rathore | Kapil Jangir | New Rajasthani Song lyrics 2019



LYRICS बाईसा रो रूप MINAKSHI RATHORE , KAPIL JANGIR



आँख्या में काजल
माथे पे बिंदिया
झुमका झोला खावे सा
बाईसा रो रूप देख के चाँदङलो सरमावै सा
चाँदङलो सरमावै सा
हिरणी सी चंचल पागा थारी
रेशम सावल भावे सा
बाईसा रो रूप देख के चाँदङलो सरमावै सा
चाँदङलो सरमावै सा


हो म्हारे बाईसा रा रूप सुहावणो सा
हो म्हारे बाईसा रा रूप सुहावणो सा
हो म्हारे बाईसा रो नखरों म्हणे भावणो सा
हो म्हारे बाईसा रो नखरों म्हणे भावणो सा
हो म्हारे बाईसा रा रूप सुहावणो सा
हो म्हारे बाईसा रा रूप


रंग रँगीली चुनर थारी लहर लहर लहरावे सा
चुड़लो बाजूबन्ध बोरलो पायल शोर मचावै सा
नेण नखत सु तीखा लागो कोयल जेड़ा बोलो सा
बाईसा रो रूप देख के चाँदङलो सरमावै सा
चाँदङलो सरमावै सा


हो म्हारा बाईसा लागे सा म्हणे चाँदड़लो सु प्यारा
हो म्हारा बाईसा लागे सा म्हणे चाँदड़लो सु प्यारा
हो आरी आँख्या का निजारा लागे घणा प्यारा प्यारा
हो आरी आँख्या का निजारा लागे घणा प्यारा प्यारा


हो ऐसो सुन्दर सौवे आज म्हारो आँगनों रे
हो ऐसो सुन्दर सौवे आज म्हारो आँगनों रे
हो म्हारे बाईसा रा रूप सुहावणो सा
हो म्हारे बाईसा रा रूप


आँख्या में काजल
माथे पे बिंदिया
झुमका झोला खावे सा
बाईसा रो रूप देख के चाँदङलो सरमावै सा
चाँदङलो सरमावै सा
हिरणी सी चंचल पागा थारी
रेशम सावल भावे सा
बाईसा रो रूप देख के चाँदङलो सरमावै सा
चाँदङलो सरमावै सा


हो म्हारे जीव री जड़ी म्हारे कालजिये री कोर
नजरा लागे नही थारे थे म्हारी गणगोर
थारे पगलिया रे पायलियो रा घुँगुरु बाजना सा
हो म्हारे हिवड़े रे मादलिये रा मोती सोवना रे


हो म्हारे बाईसा रा रूप सुहावणो सा
हो म्हारे बाईसा रा रूप सुहावणो सा
हो म्हारे बाईसा रो नखरों म्हणे भावणो सा
हो म्हारे बाईसा रो नखरों म्हणे भावणो सा
हो म्हारे बाईसा रा रूप सुहावणो सा
हो म्हारे बाईसा रा रूप

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