Ek Tarfa Pyaar Aisa Bhi Quotes


Ek Tarfa Pyaar Aisa Bhi

आपने मेरे Quotes पढ़े होंगे प्यार पर टूटे दिल पर,
यार पर,धोके पर,
पर आज कुछ खास है जो मेरे दिल के बेहद पास है।



कभी ऐसा इश्क़ किया है जिसमें तुम अपने इश्क़ के साथ रहो,
पर बस कुछ वक़्त के लिए,
वो इश्क़ हँसता है खेलता है,
सपने दिखाता है,
पर जब उन सपनों को जीने की बारी आती है तो पता चलता है कि वो इश्क़ और वो आशिक तो बस वक़्त काट रहे थे,
क्या उसे एक तरफा इश्क़ नही कहेंगे,
क्या उसे सिर्फ एक का इश्क़ नही कहेंगे,
अगर नही तो मैं नही जानता कि इस इश्क़ को क्या कहेंगे,
यहां बहुत से लोग होंगे जो इस लम्हे से गुजरे होंगे, अगर आप भी उनमें से एक हो तो आप समझ सकते हो कि वो इश्क़ एक तरफ़ा था या कुछ और,
वो घर बसाने के सपने,
वो एक दुनिया बनाने का ख्वाब,
वो हर छोटा बडा गम साथ मे जीने का ख्वाब,
वो सबसे लड़ कर भी साथ निभाने का ख्वाब,
माना ये सब किसी एक के ख्वाब हो सकते है,
पर साथ तो वो था ना जब ये ख्वाब सजे थे,
साथ रहा था वो जब वो दुनिया सजी थी,
साथ जिया था उसने भी इन ख्वाबों को ।
खैर जब वक़्त गुजरा तो उनका इश्क़ खत्म हुआ, मैं तो अब भी आशिक हूँ,
उनके साथ का, उनके नाम का,
आज का ये पोस्ट और ये Quotes कुछ इन्ही आशिकों के नाम ।।



Ek Tarfa Pyaar Aisa Bhi


जिससे भी करेगी
इश्क़ बेमिसाल करेगी,
मेरे हिस्से की मोहब्बत ले कर गई है,
देख लेना,
वो आशिकी कमाल करेगी।



मुझे मोहब्बत चाहिए थी,
और उसे जमाने के सामने दिखावा,
मैं बेइंतहा चाहने लगा उसे,
और उसे ये लगा सिर्फ एक दिखावा ।।




चल मान लिया तूझे इश्क़ हुआ होगा उससे,
पर जो मुझसे हुआ था,
वो क्या था ?
आज भी यकीन नही होता मुझे,
क्या इतना आसान था,
इस इश्क़ से निकल जाना ?




यहाँ लोगो को दो महीने में सच्चा प्यार हो जा रहा है,




और हमने उम्र गुजार दी,
इश्क़ का मतलब जानने में ।।
जिस हाल में छोड़ गए वो हमें,




खुदा करे वो हाल,
उनका कभी ना हो ।।
तेरे जाने के बाद दिल के दरवाजे पर,
कई बार इश्क़ ने दस्तक दी है,




और हर बार मैने ये कह के लौटाया है इश्क़ को,
की इस दिल मे कोई कमरा खाली नही बाकी ।।
तेरा दर्जा किसी और को कैसे दे दूं,




मेरी मोहब्बत तो तुम हो,
फिर किसी और को मोहब्बत कैसे कह दूं ?
तेरे चले जाने का अफसोस आज भी है,




पर
जो लम्हे जिये तेरे साथ,
जो आशियाना बनाया तेरे साथ,
जो सपने सजाए थे तेरे साथ,




उनसे मोहब्बत मुझे आज भी है ।।
नफरत नही कर सकता तुमसे,
तुम मेरी पहली मोहब्बत हो,




नाराज हूँ,
खफा हूँ,
आखिर तुम मेरी पहली मोहब्बत हो ।।


तो कैसी लगी आपको ये वाली एक तरफा मोहब्बत, उम्मीद है आपको अपने दिन अपने लम्हे याद आये हो,अगर ऐसा है तो कमेन्ट बॉक्स में जरूर बताएं ।चलिये आज अपने शब्दों को यही विराम देते है,
अलविदा ।।

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