लट्ठे दी चादर उत्ते सलेटी रंग माहिया लिरिक्स Latthe Di Chadar Utte Saleti Rang Mahiya Lyrics Most Popular Punjabi Folk Songs Lyrics in Hindi

लट्ठे दी चादर उत्ते सलेटी रंग माहिया लिरिक्स Latthe Di Chadar Utte Saleti Rang Mahiya Lyrics Most Popular Punjabi Folk Songs Lyrics in Hindi

लट्ठे दी चादर (स्लेटी रंग का कॉटन के कपडे से बनी चादर) उत्ते सलेटी रंग माहिया
आवो सामणे कोलों दी रुस के न लंग माहिया

चन्ना कंदा तूं मरिया अख वे
साडे आटे दे विच हथ वे
लट्ठे दी चादर उत्ते सलेटी रंग माहिया
आवो सामणे कोलों दी रुस के न लंग माहिया

चन्ना वेख के न साडे वाल हस वे
साडी माँ पइ करेंदिये ए शक वे
लट्ठे दी चादर उत्ते सलेटी रंग माहिया
आवो सामणे कोलों दी रुस के न लंग माहिया

गल्लां गोरियां ते काला काला तिल वे
सन्नू अज पिछवाड़े मिल वे
लट्ठे दी चादर उत्ते सलेटी रंग माहिया
आवो सामणे कोलो दी रुस के न लंग माहिया

गल्लां गोरियां ते काला काला तिल वे
साड़ा कड़ के लेगया दिल वे
लट्ठे दी चादर उत्ते सलेटी रंग माहिया
आवो सामणे कोलो दी रुस के न लंग माहिया

तेरी माँ ने चाडया साग वे
असां मंग्या ते मिलया जवाब वे
लट्ठे दी चादर उत्ते सलेटी रंग माहिया
आवो सामणे कोलो दी रुस के न लंग माहिया

तेरी माँ ने चाड़ियाँ ए गंदालां
असां मंगियाँ ते पैगयिया दंदलान अनवां
लट्ठे दी चदार उत्ते सलेटी रंग माहिया
आवो सामणे कोलो दी रुस के न लंग माहिया

तेरी माँ ने चेद्य ए खीर वे
अस्सां मांगी ते पैगई पीढ वे
लट्ठे दी चादर उत्ते सलेटी रंग माहिया
आवो सामणे कोलो दी रुस के न लंग माहिया

साड़े दिल विच की की वासियां
न तूं पुछियाँ ते न असी दसियाँ
लट्ठे दी चादर उत्ते सलेटी रंग माहिया
आवो सामणे कोलो दी रुस के न लंग माहिया

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